कट्टर हिंदू कौन है?
कट्टरता का शब्द किसी भी धर्म या विचारधारा के संदर्भ में आजकल बहुत चर्चा में है। जब कोई व्यक्ति किसी धर्म, जाति, वर्ग या संगठन के प्रति इतना समर्पित हो जाए कि उसके अलावा कुछ न सुने, न सोचे, तो उसे कट्टर कहा जाता है। ऐसा व्यक्ति अपने मान्यताओं को सर्वोपरि मानता है और दूसरों के विचारों को अक्सर नजरअंदाज कर देता है।
इस तरह, कट्टर हिंदू वह होता है जो हिंदू धर्म के प्रति अटूट आस्था रखता है, लेकिन अगर वह केवल अपने विचारों पर अड़ा रहे, दूसरों की भावनाओं को न समझे, तो वह कट्टरता नकारात्मक रूप ले लेती है। हिंदू धर्म में आस्था होना गलत नहीं, लेकिन अगर वह आस्था दूसरों के प्रति अहंकार या द्वेष में बदल जाए, तो वह सच्चे धर्म के अर्थ से दूर हो जाती है।
हिंदू धर्म का इतिहास सहिष्णुता, बहुआयामी विचार और आध्यात्मिक खोज पर आधारित रहा है। इसलिए सच्चा हिंदू वही है जो अपने धर्म का सम्मान करते हुए भी दूसरों के अधिक
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।