मृत्यु के बाद क्या होता है?

मृत्यु का विषय हमेशा से मनुष्य के मन में उल्लास और भय दोनों पैदा करता रहा है। लेकिन भारतीय दर्शन के अनुसार, मृत्यु केवल एक अंत नहीं, बल्कि एक अन्य यात्रा की शुरुआत है। मरने के तुरंत बाद हमारे शरीर का तो अंत हो जाता है, लेकिन हमारे साथ जाता है हमारा कर्म।

हर किया हुआ कर्म—चाहे वह अच्छा हो या बुरा—हमारी आत्मा के साथ जुड़ा रहता है। जीवन के अंतिम क्षणों में, व्यक्ति के सामने उसके सभी कर्म प्रकट होते हैं, जैसे कोई फिल्म चल रही हो। यही उसके भविष्य के जन्म और गति का निर्णय करता है।

पुराणों और शास्त्रों में कहा गया है कि कर्म कभी नष्ट नहीं होते। वे 7 जन्मों तक व्यक्ति का पीछा करते हैं। अच्छे कर्मों के फलस्वरूप व्यक्ति स्वर्ग या सुखद जीवन में जन्म लेता है, जबकि बुरे कर्म दुख और कठिनाइयों का कारण बनते हैं।

इसलिए जीवन में सदैव अच्छे कर्म करने की प्रेरणा दी गई है। आज का हर कदम, भले ही छोटा लगे, कल के भाग्य का निर

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