महिलाओं में देवी आने की घटनाएं: धर्म या मनोविज्ञान?
कई बार हम मंदिरों या धार्मिक सभाओं में ऐसा देखते हैं कि कोई महिला अचानक उठ खड़ी होती है और कहती है कि उसमें देवी आ गई है। ऐसे कई मामले सुर्खियों में आ चुके हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों होता है?
डॉक्टर मिश्र के अनुसार, जिन लोगों को देवी या देवता आने का दावा होता है, वे अक्सर किसी न किसी मानसिक तनाव या भावनात्मक परेशानी से गुजरते हैं। जब ये लोग भजन, आरती या भक्ति के माहौल में जाते हैं, तो वातावरण उनके दिमाग पर गहरा असर डालता है।
संगीत और भावनाओं का प्रभाव ऐसा होता है कि वे एक तरह की ट्रांस स्थिति में पहुंच जाते हैं। इस स्थिति में वे खुद को देवी-देवताओं से जुड़ा महसूस करते हैं या उनके माध्यम से बोलते हुए लगते हैं। यह घटना धार्मिक नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक हो सकती है।
कई बार समाज में दबाव, परिवार की उम्मीदें या भावनात्मक उथल-पुथल भी ऐसी स्थिति पैदा कर सकती है। ऐसे लोग
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