वेद परंपरा के प्रमुख देवी-देवता

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की अनेकों श्रद्धाओं और परंपराओं में जगह है। एक प्रश्न अक्सर मन में उठता है — सबसे बड़ा देवी-देवता कौन है? वास्तव में, वेद परंपरा में किसी एक को 'सबसे बड़ा' कहना मुश्किल है, क्योंकि यहाँ प्रत्येक देवता ब्रह्म के ही रूप माने जाते हैं। फिर भी, कुछ देवी-देवताओं को विशेष महत्व दिया गया है।

गणेश को सामान्यतः प्रथम पूज्य माना जाता है। नए कार्य की शुरुआत में उनकी आराधना की जाती है, क्योंकि वे विघ्नहर्ता हैं। लक्ष्मी धन और समृद्धि की देवी हैं, जबकि विष्णु संहारक और संरक्षक के रूप में जाने जाते हैं। उनके अवतारों में कृष्ण विशेष रूप से प्रिय हैं, जिन्होंने गीता में अर्जुन को जीवन का गहरा ज्ञान दिया।

शंकर (शिव) को त्रिदेव में एक माना जाता है और वे संहार के देवता के रूप में प्रसिद्ध हैं, लेकिन उनका संहार सृजन के लिए है। सरस्वती ज्ञान, कला और शिक्षा की देवी हैं

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