नींद के देवता हिप्नोस: प्राचीन कथा की एक रहस्यमयी छाया

नींद को कई संस्कृतियों में दैवीय माना गया है, और प्राचीन यूनानी व रोमन परंपरा में इसका एक स्पष्ट देवता था — हिप्नोस। रोमन संस्कृति में इन्हें सोम्नस के नाम से जाना जाता था। हिप्नोस को नींद का देवता माना जाता था, जो मनुष्यों और देवताओं दोनों को गहरी नींद में डुबो देता था।

हिप्नोस अंधकार और रहस्य से जुड़े थे। वह निक्स, यानी रात की देवी, के पुत्र थे। उनका जुड़वां भाई था थानाटोस — मृत्यु का देवता। यह संबंध रोचक है, क्योंकि प्राचीन विचारधारा में नींद और मृत्यु अक्सर एक-दूसरे के करीब माने जाते थे। जैसे नींद आत्मा को थोड़े समय के लिए शरीर से अलग कर देती है, वैसे ही मृत्यु इसे स्थायी रूप से विदा कर देती है।

हिप्नोस को अक्सर एक शांत, पंखों वाले युवा के रूप में चित्रित किया गया था, जो फूलों के बीज या एक शंख धारण करता था। कहा जाता है कि वह एक गुफा में रहता था

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