सुंदरता का सही अर्थ क्या है?
सुंदरता किसी एक लिंग का एकाधिकार नहीं है। यह एक भ्रम है कि पुरुष या स्त्री में से कौन अधिक सुंदर होता है। सच तो यह है कि सुंदरता कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे लिंग के आधार पर मापा जा सके।
जब कोई कहता है कि पुरुष स्वाभाविक रूप से अधिक आकर्षक होते हैं, तो वह समाज की उस धारणा पर आधारित होता है जहां स्त्री को सुंदर होने के लिए बार-बार सुगंध, आभूषण और वस्त्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन क्या यह सचमुच सुंदरता है? सच्ची सुंदरता तो व्यक्तित्व, गरिमा, करुणा और आत्मविश्वास में होती है।
स्त्री और पुरुष दोनों में अपनी-अपनी छवि है। स्त्री की सुंदरता कोई गौण नहीं, बल्कि एक शक्ति है। वह केवल रूप की नहीं, बल्कि सहनशीलता, समझ और ममता की सुंदरता है। पुरुष की सरलता और शक्ति भी आकर्षक लग सकती है, लेकिन उसे दूसरे को कम आंककर नहीं मापा जाना चाहिए।
अंततः, सुंदरता न तो लिंग से आती है, न ही श्रृंगार से। वह दिल से निकलती है। एक मु
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