मिश्र वाक्य की पहचान कैसे करें?

मिश्र वाक्य वह होता है, जिसमें एक प्रधान उपवाक्य और एक या उससे अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं। यानी यह वाक्य सरल नहीं होता, बल्कि अनेक भावों को जोड़कर बनता है। प्रधान उपवाक्य वह होता है जो अकेले भी अपना अर्थ पूरा कर सकता है, जबकि आश्रित उपवाक्य बिना प्रधान उपवाक्य के अधूरा रहता है।

उदाहरण के लिए, लीजिए यह वाक्य: "जैसे ही वर्षा हुई, बच्चे घर आ गए।" यहाँ "बच्चे घर आ गए" — यह प्रधान उपवाक्य है, क्योंकि यह स्वतंत्र रूप से समझ में आता है। वहीं, "जैसे ही वर्षा हुई" — यह आश्रित उपवाक्य है, जो अपने आप में अधूरा है और प्रधान वाक्य पर आश्रित है।

एक और तरीका पहचानने का यह भी है कि यदि वाक्य के सभी उपवाक्य योजक शब्दों (जैसे – जब, जैसे ही, कि, यदि, चूंकि) से शुरू होते हैं, तो अंतिम उपवाक्य ही प्रधान माना जाता है।

इसलिए, मिश्र वाक्य को पहचानने के लिए बस यह देखें कि वाक्य में कई उपवाक्य हैं या न

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