मूलांक और भाग्यांक में क्या अंतर है?
मूलांक और भाग्यांक दोनों संख्याशास्त्र में महत्वपूर्ण हैं, लेकिन दोनों का अर्थ और उपयोग अलग-अलग है।
मूलांक वास्तव में व्यक्ति के जन्म तिथि के दिनांक से निकाला जाता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति 15 तारीख को पैदा हुआ है, तो उसका मूलांक 1+5=6 होगा। यह अंक उस व्यक्ति के स्वभाव, शारीरिक बनावट, मानसिकता और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देता है। जैसे-जैसे लग्न राशि किसी जातक के जीवन के आधार के रूप में काम करती है, वैसे ही मूलांक भी उसके व्यक्तित्व की नींव को दर्शाता है।
वहीं, भाग्यांक पूरी जन्मतिथि (दिन, महीना और साल) के अंकों को जोड़कर निकाला जाता है। मान लीजिए कोई व्यक्ति 15 अगस्त, 1990 को पैदा हुआ है। तो भाग्यांक होगा: 1+5+8+1+9+9+0 = 33 और फिर 3+3=6। यह अंक उस व्यक्ति के जीवन के उद्देश्य, चुनौतियों और सफलता के स्वरूप को बताता है। इसे भाग्यांक
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