गर्भावस्था के दौरान स्पर्म कैसे डाला जाता है?

गर्भावस्था प्राकृतिक तरीके से भी आ सकती है और कुछ मामलों में चिकित्सकीय सहायता के ज़रिए भी। अगर किसी दंपति को बच्चा नहीं हो पा रहा होता है, तो डॉक्टर कुछ फर्टिलिटी तकनीकों की सिफारिश कर सकते हैं। इनमें से एक तरीका है – स्पर्म को गर्भाशय में सीधे डालना

यह प्रक्रिया आमतौर पर इंसीमिनेशन या आईयूआई (Intrauterine Insemination) के नाम से जानी जाती है। इसमें डॉक्टर या नर्स पहले स्वस्थ स्पर्म के एक नमूने को एक छोटे, लंबे और लचीले ट्यूब (कैथेटर) से जोड़ते हैं। फिर वे इस ट्यूब को योनि के माध्यम से गर्भाशय तक धीरे-धीरे अंदर ले जाते हैं।

जैसे ही कैथेटर सही जगह पर पहुँचता है, स्पर्म को ट्यूब के माध्यम से गर्भाशय में धकेल दिया जाता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर दर्दरहित होती है और कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है।

यह तकनीक उन दंपतियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है जिन्हें नंबर या मोटिलिटी के

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय