भारत की राष्ट्रीय पुस्तक: भारतीय संविधान
जब भी राष्ट्रीय पुस्तक की बात होती है, तो कई लोगों के मन में प्राचीन ग्रंथ या धार्मिक पुस्तकों के नाम आते हैं। लेकिन भारत की राष्ट्रीय पुस्तक के रूप में आधिकारिक तौर पर भारतीय संविधान को माना जाता है। यह वह दस्तावेज है जो हमारे लोकतंत्र की नींव है और हर नागरिक के अधिकारों व कर्तव्यों को परिभाषित करता है।
भारतीय संविधान 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया था और 26 जनवरी, 1950 से लागू हुआ। यह दुनिया के सबसे विस्तृत लिखित संविधानों में से एक है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अगुवाई में तैयार किया गया यह लेखावली न केवल कानून का ढांचा प्रदान करता है, बल्कि न्याय, स्वतंत्रता और समानता के मूल सिद्धांतों को भी दर्शाता है।
हालांकि कई लोग गीताजी या रामचरितमानस को राष्ट्रीय महत्व की पुस्तक मानते हैं, लेकिन संवैधानिक दृष्टि से भारतीय संविधान ही वह दस्तावेज है जो देश की आत्मा को दर्शाता है। यह न केवल एक कानूनी दस
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