कहानी का अंत कैसे लिखें?

कहानी के अंत में कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि पाठक संतुष्ट हो। सबसे ज़रूरी बात यह है कि अंत सहज होना चाहिए। न तो अचानक खत्म हो, न ही जबरदस्ती खींचा गया लगे।

अच्छी कहानी वही होती है जो प्रभाव छोड़ जाए। इसलिए अंत में घटनाओं का एक स्वाभाविक संबंध होना चाहिए। यानी, जो शुरू हुआ था, वही अंत तक जुड़ा रहे। अगर कहानी में सरल भाषा का प्रयोग किया गया हो, तो अंत भी उसी लय में होना चाहिए।

एक अच्छी कहानी कभी बेमानी नहीं होती। उसमें कोई न कोई संदेश या उपदेश छिपा होता है — चाहे वह सच्चाई की जीत हो या लालच का दुष्परिणाम। यही संदेश पाठक के दिल में बैठ जाता है।

और हाँ, कहानी के अंत में एक अच्छा शीर्षक लगा देना भी बहुत ज़रूरी है। शीर्षक वह आखिरी छाप छोड़ता है जो पाठक को याद रहता है। वह कहानी के मूल भाव को छू ले, तो फिर वह कहानी जीवंत रहती है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय