क्या मनुष्य अदृश्य हो सकता है?
मनुष्य के अदृश्य होने की बात करें, तो आधुनिक विज्ञान की दृष्टि से यह अभी संभव नहीं है। लेकिन यदि हम प्राचीन भारतीय दर्शन और योग शास्त्र की ओर देखें, तो इस विषय पर काफी कुछ कहा गया है। महर्षि पतंजलि ने अपने योगसूत्र में कई सिद्धियों का उल्लेख किया है, जिनमें 'अंतर्धान' या गायब होने की क्षमता भी शामिल है।
पतंजलि के अनुसार, जब कोई योगी लंबे समय तक ध्यान और तपस्या के माध्यम से शरीर और इंद्रियों पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लेता है, तो वह कायागत रूप पर संयम करके अंतर्ध्यान प्राप्त कर सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति दृष्टि, स्पर्श, सुगंध, स्वाद और आवाज के माध्यम से भी अनुभव नहीं होता। वह साधक इतनी गहरी आंतरिक अवस्था में चला जाता है कि उसका भौतिक अस्तित्व लुप्त-सा प्रतीत होता है।
यह जरूरी नहीं कि यह विज्ञान की तरह साबित किया जा सके, लेकिन यह विचार मानव चेतना की असीम क्षमताओं की ओर इशारा करता है। आज के यु
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