क्या इंसान वाकई अदृश्य हो सकता है?

अदृश्य होना—यह सपना पुराना नहीं है। सदियों से कहानियों, पौराणिक कथाओं और फिल्मों में ऐसे पात्र आए हैं जो आंखों के सामने गायब हो जाते हैं। 1897 में एच. जी. वेल्स ने अपने उपन्यास द इनविजिबल मैन में इसी विचार को जीवंत किया। लेकिन आज, विज्ञान कहानी से आगे बढ़ चुका है।

अभी तक कोई इंसान पूरी तरह अदृश्य नहीं हो सकता—वैसे नहीं जैसे हम कल्पना करते हैं। लेकिन वैज्ञानिक अदृश्यता के करीब पहुंच चुके हैं। कुछ प्रयोगशालाओं में शोधकर्ता प्रकाश को मोड़ने वाली सामग्री (मेटामैटेरियल्स) पर काम कर रहे हैं। ये ऐसी चीजें हैं जो प्रकाश को वस्तु के चारों ओर बहाकर ले जाती हैं, मानो वहाँ कुछ है ही नहीं।

फिलहाल, यह तकनीक सिर्फ सूक्ष्म वस्तुओं तक सीमित है—एक पूरे इंसान को छिपाना अभी दूर की बात है। फिर भी, सैन्य और चिकित्सा क्षेत्र में इसके उपयोग की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।

तो हां, अभी अदृश

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