आयुर्वेद के अनुसार दही कब खाना चाहिए?

आयुर्वेद के अनुसार दही एक ऐसा आहार है जिसका सेवन सही समय पर ही करना चाहिए। प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. भावसार के अनुसार, दही को अक्सर या रात में नहीं खाना चाहिए। विशेष रूप से, मीट जैसे चिकन, मटन या मछली के साथ दही का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके मिश्रण से शरीर में विषाक्त पदार्थों का निर्माण हो सकता है।

दही एक गर्म प्रकृति का खाद्य है और रात में इसका सेवन पाचन क्रिया को धीमा कर सकता है। हालांकि, दोपहर के समय, संयम से दही खाना लाभदायक हो सकता है। इससे पाचन मजबूत होता है और शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम की भी पूर्ति होती है।

एक बात ध्यान रखें: अगर आपको खांसी, दमकती या श्लेष्म से जुड़ी समस्या है, तो दही से परहेज करना बेहतर है। आयुर्वेद में दही को सही तरीके से खाने पर ही इसके लाभ मिलते हैं, वरना यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है।

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