दही का आयुर्वेद में विशेष स्थान

दही भारतीय आहार का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इसकी प्रकृति काफी रोचक है। यह खट्टे स्वाद वाला होता है और शरीर में गर्मी पैदा करता है। इसीलिए कई बार गर्मी में इसका सेवन सावधानी से करने की सलाह दी जाती है।

दही पचने में भारी माना जाता है, यानी पाचन में इसे ज्यादा समय लगता है। इसलिए कमजोर पाचन शक्ति वाले लोगों को इसे संतुलित मात्रा में लेना चाहिए। वहीं, वजन बढ़ाने की इच्छा रखने वालों के लिए यह फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह शरीर में वसा बढ़ाने में सहायता करता है और शारीरिक शक्ति में सुधार करता है।

आयुर्वेद के अनुसार, दही कफ और पित्त को बढ़ाता है, लेकिन वात को कम करता है। इसलिए वात प्रकृति वाले लोगों के लिए यह लाभदायक हो सकता है। साथ ही, यह अग्नि (पाचन शक्ति) को भी मजबूत करता है, बशर्ते कि इसे सही तरीके से खाया जाए।

कई बार लोग रात में दही

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