दही की खोज कैसे हुई?
दही की शुरुआत किसी खास खोज की तरह नहीं, बल्कि एक आवश्यकता से हुई। प्राचीन समय में जब आदमी दूध पीने लगा, तो उसे दूध को संभालकर रखने की समस्या आई। उन दिनों में न तो फ्रिज था, न ही प्लास्टिक के डब्बे। ऐसे में लोग जानवरों की खाल से बने थैलियों में दूध भरकर रखते थे।
खाल में दूध को रखने से एक प्राकृतिक प्रक्रिया शुरू हो जाती थी। खाल पर मौजूद सूक्ष्म जीवाणु धीरे-धीरे दूध में मिल जाते थे। गर्म मौसम में तो यह प्रक्रिया और भी तेज हो जाती थी। कुछ समय बाद दूध जमकर दही में बदल जाता था।
यही तरीका दही बनने का पहला रास्ता बना।लोगों ने जब दही के स्वाद और पाचन में आसानी को देखा, तो उसे जानबूझकर बनाना शुरू कर दिय inflammable। धीरे-धीरे यह भारतीय आहार का अहम हिस्सा बन गया। आज भी लाखों घरों में दही बनाने की पद्धति उसी प्राकृतिक तरीके पर आधारित है।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।