कलयुग में हरिनाम का महत्व

श्री कृष्ण ने एक बार कलयु के समय में मनुष्य की स्थिति के बारे में बताते हुए कहा था कि इस युग में मनुष्य की बुद्धि कमजोर हो जाएगी। लोग धीरे-धीरे अपने आदर्शों से दूर होते चले जाएंगे। जीवन का मार्ग भटक जाएगा, और न तो धन का वृक्ष, न ही सत्ता का पेड़ इस पतन को रोक पाएगा।

लेकिन एक उम्मीद की किरण भी थी — हरिनाम का छोटा-सा पौधा। यह नाम इतना शक्तिशाली है कि वह मनुष्य के जीवन को पतन से बचा सकता है। जहाँ धन, सत्ता और ताकत असफल होंगी, वहाँ भगवान के नाम का कीर्तन मनुष्य की बुद्धि को फिर से प्रबल बना देगा।

आज के समय में, जब तनाव, भ्रष्टाचार और आध्यात्मिक खालीपन बढ़ रहा है, तो हरि-कीर्तन या नाम-स्मरण एक साधन के रूप में उभरता है। यह नाम न सिर्फ मन को शांत करता है, बल्कि जीवन को दिशा भी देता है।

हरिनाम इतना सरल है कि कोई भी व्यक्ति बिना किसी बाधा के इसे अपना सकता है। यही कारण है कि कलयुग में भगवान ने इसे सबसे बड़ा सत्य

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