भारत के विदेशी मुद्रा भंडार की जिम्मेदारी किसके पास है?
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) देश के विदेशी मुद्रा भंडार का संरक्षक है। यह न केवल इन भंडारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है, बल्कि उनके निवेश और प्रबंधन के लिए भी जिम्मेदार होता है। ये भंडार देश की आर्थिक स्थिरता और विदेशी मुद्रा के लेन-देन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर, यूरो, सोना और अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक कोष (आईएमएफ) में विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) जैसी संपत्तियां शामिल होती हैं। ये संपत्तियां देश की विदेशी आय, व्यापार और आर्थिक नीतियों में स्थिरता बनाए रखने में मदद करती हैं।
इन भंडारों के प्रबंधन के लिए भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई अधिनियम, 1934 के तहत कार्य करता है। इस कानून के तहत, आरबीआई को विदेशी मुद्रा को सुरक्षित रखने, उसके निवेश की योजना बनाने और आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग करने का अधिकार दिया गया है।
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