जनता के दो दुश्मन

थॉमस जेफरसन, अमेरिकी स्वतंत्रता के महान चिंतकों में से एक, एक बार कहा था—“जनता के दो दुश्मन हैं: अपराधी और सरकार।” यह वाक्य सिर्फ एक तथ्य नहीं, बल्कि एक गहरी सच्चाई का आईना है।

अपराधी तो स्पष्ट दुश्मन है—वह जो कानून तोड़ता है, निर्दोषों को नुकसान पहुँचाता है। लेकिन जेफरसन के अनुसार, दूसरा दुश्मन कम खतरनाक नहीं है—वह है सरकार। नहीं क्योंकि सरकार बुरी होती है, बल्कि इसलिए कि अनियंत्रित सत्ता के हाथों में जाने पर वह बुराई बन सकती है।

जेफरसन का सुझाव स्पष्ट था: “सरकार को संविधान की जंजीरों से बांध दो।” यानी, कानून और संवैधानिक सीमाएं वह जंजीरें हैं जो सरकार को अपराधी बनने से रोकती हैं। अगर सत्ता पर नियंत्रण न हो, तो वही सरकार जो लोगों की रक्षा करने आती है, खुद अत्याचारी बन सकती है।

यह विचार आज भी प्रासंगिक है। जहां अपराध नियंत्रित करने के लिए पुलिस और न्याय व्यवस्था की जरूरत होती है, वहीं सर

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