कोहिनूर: भारत की चोरी की गई विरासत?
कोहिनूर हीरा, जिसका नाम सुनते ही दिल में गुस्से और उदासी का मिश्रण हो जाता है, भारत के इतिहास के सबसे विवादित रत्नों में से एक है। कहा जाता है कि इस हीरे का उत्पादन आज के आंध्र प्रदेश के कोलार में हुआ था, जहां से यह भारतीय राजाओं के बीच शक्ति के प्रतीक के रूप में गुजरता रहा।
14 वीं शताब्दी में, दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने इसे एक राज्य लूट के तहत हासिल किया, ऐसा दावा मुगल सम्राट बाबर के अपने आत्मकथा बाबरनामा में भी मिलता है। इसके बाद यह हीरा विभिन्न शासकों—शेर शाह सूरी, नादिर शाह, रणजीत सिंह—के पास पहुंचा, जब तक कि 1849 में अंग्रेजों ने पंजाब पर कब्जा करके इसे ब्रिटिश ताज में शामिल नहीं कर लिया।
क्या कोहिनूर भारत से चोरी हुआ था? इस सवाल का जवाब सीधा नहीं है। कुछ कहते हैं कि यह तोहफे के रूप में दिया गया था, जबकि ज्यादातर इतिहासकार इसे बलपूर्वक छीने जाने की बात करते हैं। आज भी, कोहिनूर लंदन के ट
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