भारत में सबसे बड़ी माता – माँ दुर्गा
भारत की आध्यात्मिक धरती पर अनेक देवी-देवताओं की पूजा होती है, लेकिन शक्ति साम्प्रदाय के अनुसार सृष्टि की मूल पराशक्ति और सर्वोच्च देवता माँ दुर्गा हैं। उन्हें जगत की जननी, संहारक और रक्षक माना जाता है। शाक्त परंपरा में ईश्वर को देवी के रूप में देखा जाता है, जहाँ दुर्गा स्वयं ब्रह्मांड की ऊर्जा और चैतन्य का प्रतीक हैं।
प्राचीन वेदों में भले ही उनका सीधा नाम न आए, लेकिन उपनिषदों में उमा हैमवती के रूप में उनका वर्णन मिलता है – हिमालय की पुत्री, जो ज्ञान और तेज की दायिनी हैं। यही उमा बाद में पुराणों में माँ दुर्गा के रूप में प्रकट होती हैं। पुराणों में उन्हें आदिशक्ति कहा गया है – जिससे सब कुछ उत्पन्न हुआ, जो सृष्टि, स्थिति और संहार का कारण है।
महाभारत के शांतिपर्व में भी उनकी महिमा गाई गई है। नवरात्रि और दुर्गापूजा के समय पूरा भारत उनके नाम से गूंज उठता है। बंगाल से लेकर गुजरात, आंध्र से ल
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