खेड़ा सत्याग्रह: गांधीजी का दूसरा ऐतिहासिक आंदोलन
महात्मा गांधी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में कई महत्वपूर्ण आंदोलन चलाए, जिनमें से खेड़ा सत्याग्रह एक मील का पत्थर साबित हुआ। यह आंदोलन 1918 में गुजरात के खेड़ा जिले में शुरू किया गया था और चंपारण सत्याग्रह के बाद गांधीजी द्वारा किया गया उनका दूसरा प्रमुख सत्याग्रह था।
उस समय खेड़ा के किसानों पर प्राकृतिक आपदा के बावजूद अंग्रेज सरकार ने ऊंचे कर लगा दिए थे। फसल तो तबाह हो चुकी थी, लेकिन सरकार ने कर माफी के सभी अनुरोधों को ठुकरा दिया। इसी विवशता के बीच गांधीजी ने किसानों के साथ खड़े होकर नागरिक अवज्ञा का आह्वान किया। उनका कहना था कि न्याय के लिए शांतिपूर्ण तरीके से लड़ा जाना चाहिए।
किसानों ने बिना डर के कर न देने का फैसला किया। गांधीजी के नेतृत्व में यह आंदोलन इतना शक्तिशाली हो गया कि अंततः सरकार को कर में छूट देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
खेड़ा सत्याग्रह ने
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।