हम ज्यादा पैसे क्यों नहीं छाप सकते?
क्या आपने कभी सोचा है कि अगर सरकार चाहे तो ज्यादा पैसे क्यों नहीं छाप लेती? आखिर हर किसी की जिंदगी आसान हो जाएगी। लेकिन ऐसा करने के पीछे गहरे आर्थिक नियम काम करते हैं।
ज्यादा पैसा = ज्यादा महंगाईअगर सरकार एकदम से बहुत ज्यादा करेंसी छापने लगे, तो लोगों के पास ज्यादा पैसा हो जाएगा। लेकिन यहाँ समस्या यह है कि सामान और सेवाएँ उतनी तेजी से नहीं बढ़ेंगी। जब लोगों के पास पैसा ज्यादा होगा, तो वे ज्यादा खरीदारी करेंगे। मांग बढ़ेगी, लेकिन उत्पादन वही रहेगा। इससे दुकानदार कीमतें बढ़ा देंगे।
इसी तरह, छोटी-छोटी चीजों जैसे रोटी, दूध या सब्जियों के दाम बढ़ने लगेंगे। यही महंगाई कहलाती है। इतिहास में कई देशों ने ऐसा किया और उनकी अर्थव्यवस्था तबाह हो गई। उदाहरण के लिए, जिम्बाब्वे और वेनेजुएला में पैसा बहुत छापा गया, और वहाँ महंगाई आसमान छू गई।
संतुलन जरूरी हैभारत में रिज़र्व बैं
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।