दांडी मार्च में कौन-कौन शामिल हुए थे?

12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से दांडी मार्च की शुरुआत की। यह कोई साधारण पैदल यात्रा नहीं थी, बल्कि ब्रिटिश सरकार के खिलाफ एक ऐतिहासिक अहिंसक विरोध का प्रतीक थी। गांधीजी के साथ इस ऐतिहासिक मार्च में 80 सत्याग्रही शामिल थे, जो सभी साबरमती आश्रम के निवासी थे। इनमें अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग थे — कुछ छात्र थे, तो कुछ गुरु और साधारण नागरिक।

जैसे-जैसे गांधी और उनके साथी आगे बढ़ते गए, गांव-गांव में लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर उन्हें सलाम करते और उनके संदेश का समर्थन करते। पहले दिन ही उन्होंने 21 किलोमीटर की दूरी तय कर असलाली गांव पहुंचे। यह मार्च सिर्फ नमक बनाने के अधिकार के लिए नहीं था, बल्कि आम आदमी के अधिकारों और स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता का प्रतीक बन गया।

दांडी मार्च ने पूरे देश में आंदोलन की लौ जला दी और लाखों लोगों को स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने की प्रे

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