दांडी मार्च: 24 दिनों की ऐतिहासिक पदयात्रा
दांडी मार्च, जिसे नमक मार्च भी कहा जाता है, भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी। यह मार्च 12 मार्च, 1930 को महात्मा गांधी द्वारा शुरू किया गया था, जो ब्रिटिश सरकार के नमक कानून के खिलाफ एक शांतिपूर्ण विरोध के रूप में आयोजित किया गया था।
गांधी और उनकी टुकड़ी ने अहमदाबाद से दांडी तक के 388 किलोमीटर के लंबे सफर को पैदल तय किया। यह ऐतिहासिक पदयात्रा कुल 24 दिनों तक चली। इस उम्र में, जब गांधीजी की उम्र 61 वर्ष थी, वह 388 किमी की दूरी को पैदल तय करने में सफल रहे। यह न केवल एक राजनीतिक प्रतीक था, बल्कि एक आध्यात्मिक और नैतिक संघर्ष का संकेत था।
इस मार्च के दौरान, लाखों लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर गांधी का समर्थन करते थे। 6 अप्रैल, 1930 को दांडी पहुँचकर गांधी ने समुद्र तट पर नमक बनाकर ब्रिटिश कानून की अवज्ञा की और देशव्यापी आंदोलन की श
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