गांव के प्रकार: भारतीय ग्रामीण जीवन की विविधता
भारत जैसे विशाल देश में गांवों की संरचना और जीवन शैली में काफी विविधता पाई जाती है। आमतौर पर, गांवों को उनके आर्थिक आधार, बसावट के स्वरूप और घरों की व्यवस्था के आधार पर कई प्रकारों में बांटा जा सकता है।
पवासी कृषि ग्राम ऐसे गांव होते हैं जहां लोग खेती के लिए जमीन बदलते रहते हैं। इन्हें 'झूम खेती' वाले क्षेत्रों में भी देखा जाता है। ये गांव अस्थायी प्रकृति के होते हैं। कुछ समय बाद लोग एक स्थान छोड़कर दूसरे स्थान पर चले जाते हैं, जब जमीन की उर्वरता कम हो जाती है।
अर्द्ध-स्थायी ग्राम उन गांवों को कहा जाता है जहां लोग कुछ समय तक रहते हैं, लेकिन पूरी तरह से स्थायी नहीं होते। ये अक्सर चरवाहा समुदायों या छोटे कृषि समूहों द्वारा बसाए जाते हैं।
वहीं, स्थायी कृषि ग्राम वे होते हैं जहां पीढ़ियों से लोग एक ही स्थान पर रह रहे हैं। इनमें सुदृढ़ मकान, कुएं, मंदिर और सामुदायि
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