भारत में बौद्ध धर्म का पतन: क्यों गायब हुआ?
भारत बौद्ध धर्म की जन्मभूमि है, लेकिन आज यहाँ बौद्ध धर्म का प्रभाव बहुत कम है। कई विद्वानों के अनुसार, इसके पीछे कई कारण थे। सबसे पहले, समय के साथ बौद्ध विहारों में अनैतिकता बढ़ने लगी। कुछ भिक्षुओं ने अपने आचरण में ढील दिखाई, जिससे आम जनता का विश्वास कमजोर होने लगा।
मौर्य और बाद के बौद्ध राजाओं ने भिक्षुओं को बहुत संरक्षण दिया, लेकिन उन्होंने अन्य धर्मों, खासकर वैदिक परंपरा के लोगों को नजरअंदाज किया। कुछ मामलों में तो उनका दमन भी हुआ। इससे वैदिक ब्राह्मणों और सामान्य हिंदुओं में असंतोष पैदा हुआ। धीरे-धीरे वे बौद्ध धर्म के खिलाफ हो गए।
एक अन्य कारण यह भी था कि हिंदू धर्म ने अपने आपको समायोजित किया। वैष्णव और शैव परंपराएँ मजबूत हुईं, जिन्होंने जनता के भावनात्मक और आध्यात्मिक आकर्षण को समझा और उसके अनुसार विकास किया। बौद्ध धर्म के कठोर तप और विरक्ति के मार्ग की तुलन
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