क्या बौद्ध भिक्षु की पत्नी हो सकती है?

बौद्ध धर्म में भिक्षु का जीवन परित्याग और साधना का प्रतीक होता है। पारंपरिक रूप से, लगभग हर बौद्ध देश जैसे श्रीलंका, थाईलैंड, म्यांमार और नेपाल में भिक्षु और भिक्षुणियों से एक मठवासी जीवन जीने की अपेक्षा की जाती है। इसका मतलब है कि वे अहिंसा, संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। ऐसे में, शादी करना या परिवार बसाना उनके जीवन लक्ष्य के विपरीत माना जाता है

हालाँकि, एक दिलचस्प अपवाद है – जापान। 19वीं सदी के अंत में, जापान के कई बौद्ध सम्प्रदायों ने अपने भिक्षुओं के लिए शादी करने की अनुमति दे दी। आज भी, कई जापानी बौद्ध पुजारी शादीशुदा हैं और अपने मंदिरों में परिवार के साथ रहते हैं। यहाँ, भिक्षु पद एक व्यवसाय या पारिवारिक धर्म पद के रूप में भी आगे बढ़ सकता है।

फिर भी, ज्यादातर बौद्ध दुनिया में, भिक्षु की पत्नी होना संभव नहीं है। यदि कोई भिक्षु शादी करना चाहे, तो उसे पहले अपना धर्मिक वस्

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