बौद्ध धर्म में ईश्वर कौन है?
बौद्ध धर्म एक ऐसा मार्ग है जो आत्मज्ञान, करुणा और ध्यान पर बल देता है। इस धर्म में ईश्वर की अवधारणा अन्य प्रमुख धर्मों से काफी अलग है। गौतम बुद्ध ने कभी ईश्वर के अस्तित्व को न तो स्पष्ट रूप से स्वीकार किया और न ही खारिज किया। उनका फोकस मानव जीवन के दुखों और उनसे मुक्ति पाने के मार्ग पर था।
बुद्ध का मानना था कि ईश्वर के अस्तित्व का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। वे कहते थे कि लाखों लोग अपने-अपने ईश्वर में विश्वास करते हैं और यह भी दावा करते हैं कि सिर्फ उनका ही ईश्वर सच्चा है। ऐसे विवादों में उलझने के बजाय, बुद्ध ने लोगों को अपने कर्मों, विचारों और आचरण पर ध्यान देने की सीख दी।
इसलिए बौद्ध धर्म में ईश्वर की जगह अपने भीतर की जागृति को महत्व दिया जाता है। बुद्ध स्वयं को कोई देवता या ईश्वर का अवतार नहीं मानते थे, बल्कि एक मानव थे जिन्होंने ज्ञान के मार्ग पर चलकर दुख से मुक्ति पाई।
आज भी लाखों लोग बुद्ध क
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