कृष्ण की शिकायत: बलराम से जलन
बाल गोपाल कृष्ण को जब भी कोई छेड़ता, वे माँ यशोदा के पास दौड़ आते। एक दिन वे रोते हुए आए और माँ से शिकायत करने लगे।
"माँ, बलदाऊ मुझे बहुत चिढ़ाते हैं!" कृष्ण ने आह भरी। यशोदा ने प्यार से उन्हें गोद में लिया तो वे आगे बोले, "वे कहते हैं कि तुमने मुझे जन्म नहीं दिया, बल्कि मुझे कहीं से मोल लिया है!"
यशोदा का हृदय टूट गया। उन्होंने कृष्ण को छाती से लगा लिया। "कौन कहता है ऐसा? तू मेरा लाल है, मेरी जान है!" उनकी आँखों में आँसू आ गए।
लेकिन यह भी सच है कि बलराम, कृष्ण के बड़े भाई, कभी-कभी उनके नटखट हरकतों से परेशान हो जाते थे। इसलिए वे मजाक में ऐसी बातें कह देते। हालाँकि, दोनों भाइयों के बीच प्रेम और लगाव कभी कम नहीं हुआ।
यह घटना नंदगाँव के उन मासूम पलों की याद दिलाती है जब कृष्ण और बलराम खेलते, लड़ते और फिर साथ खाते-पीते। बचपन की ये बातें आज भी भक्तों को प्रेरित करती हैं।
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