श्री कृष्ण की भक्ति के सरल मार्ग
भगवान श्री कृष्ण की भक्ति प्रेम और समर्पण का मार्ग है। जो व्यक्ति निष्ठा से उनकी उपासना करता है, उसके जीवन में आनंद, शांति और सफलता का संचार होता है।
पहला कदम है — घर में श्री कृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित करना। इसे साफ और पवित्र स्थान पर रखें। प्रतिदिन सुबह-शाम उन्हें चंदन का तिलक लगाएं, ताजे फूल और तुलसी के पत्ते अर्पित करें। तुलसी का विशेष महत्व है, क्योंकि भगवान विष्णु (और कृष्ण) को तुलसी बहुत प्रिय है।उपासना के समय "ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।" इस मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभदायक होता है। दोनों समय — सुबह और शाम — कम से कम 108 बार माला के माध्यम से इस मंत्र का जाप करें। इससे मन एकाग्र होता है और भक्ति की भावना गहरी होती है।
भक्ति में नियमितता सबसे ज्यादा मायने रखती है। छोटा ही सही, लेकिन नियमित अभ्यास फलदायी होता है। कृष्ण भक्ति का सार है — निष्काम भाव से समर्पण। वे तो भक्त के प्रेम के भूखे हैं, न कि ब
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