कर्ण की पत्नियाँ: प्रेम, वफादारी और त्याग की कहानी
महाभारत के महान योद्धा कर्ण के जीवन में दो महिलाओं ने अपना स्थान बनाया—वृशाली और सुप्रिया। वृशाली कर्ण की पहली पत्नी थीं, जो एक साधारण जीवन जीते हुए भी उनके साथ डटी रहीं। उनके पुत्र वृषकेतु भी कर्ण की विरासत का हिस्सा बने।
लेकिन सुप्रिया की कहानी थोड़ी अलग है। कर्ण के सबसे अच्छे दोस्त दुर्योधन की पत्नी भानुमति की सखी सुप्रिया, कर्ण के प्रति आकर्षित हुईं। कुछ कथाओं के अनुसार, उन्होंने अपने हृदय की सुनी और कर्ण से विवाह कर लिया। कर्ण, जो सदैव अपने साथियों के प्रति वफादार थे, सुप्रिया को भी अपने जीवन में सम्मान दिया।
कर्ण के युद्ध में वीरगति के बाद, सुप्रिया ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया। मान्यता है कि उन्होंने सती का व्रत लेकर पति के साथ चिता में प्राण त्याग दिए। वहीं, वृशाली ने विधवा के रूप में जीने का मार्ग चुना और अपने पुत्र के साथ जीवन जारी रखा।
कर्ण की दोनों पत्नियाँ उनके जीवन के अलग-अ
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