कर्ण के सोने के दांत: एक दानवीर की अंतिम निष्ठा
महाभारत के सबसे विवादास्पद, लेकिन सच्चे दानवीर कर्ण के बारे में एक दुखद और प्रेरणादायक कहानी है — उनके सोने के दांतों की। कहा जाता है कि जब कुरुक्षेत्र के युद्ध में कर्ण पराजित होकर कीचड़ में गिरे और मृत्यु के कगार पर थे, तब भगवान कृष्ण ने एक ब्राह्मण का वेश धारण कर उनसे भिक्षा माँगी।
उस समय कर्ण के पास देने के लिए कुछ नहीं था, लेकिन वह दान के प्रति अपनी प्रतिज्ञा से कभी नहीं हटे। उन्होंने जमीन से एक पत्थर उठाया और अपने मुँह से दो सोने के दांत तोड़कर ब्राह्मण को दे दिए। यह कार्य उनकी दानशीलता की सीमा थी — मौत के समय भी भिक्षुक को खाली हाथ नहीं लौटाना।
लेकिन ब्राह्मण (कृष्ण का अवतार) ने उनके दिए दांतों को लार लगे देखकर क्रोधित होकर श्राप दे दिया कि उनकी इस दयनीय मृत्यु को संसार याद रखेगा। हालाँकि, यह घटना कर्ण की कमजोरी नहीं, बल्कि उनकी अदम्य आत्मा की गवाह है।
कर्ण के सोने के दांत सिर्फ एक कथा नहीं
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