महात्मा गांधी: राष्ट्रपिता क्यों कहलाते हैं?

महात्मा गांधी को पूरा भारत 'राष्ट्रपिता' कहकर सम्मान देता है। यह उपाधि महज एक नाम नहीं, बल्कि उनके अथक संघर्ष, नैतिक बल और देशभक्ति का प्रतीक है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पहली बार गांधी जी को 'फादर ऑफ द नेशन' यानी राष्ट्रपिता कहा था, और यह नाम देशवासियों के दिलों में जगह बन गया।

गांधी जी ने कभी भी हिंसा का सहारा नहीं लिया। उन्होंने अहिंसा, सत्य और असहयोग जैसे शक्तिशाली हथियारों से अंग्रेजी शासन के खिलाफ आंदोलन चलाया। चाहे चंपारण की लड़ाई हो, असहयोग आंदोलन हो या दांडी मार्च, हर कदम पर उन्होंने लाखों लोगों को एकजुट किया। उनके नेतृत्व में आम आदमी, महिलाएं, युवा सभी स्वतंत्रता के लिए खड़े हुए।

उनका जीवन न केवल स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा था, बल्कि एक आदर्श भी था। सादा जीवन, ऊनी चरखा, खादी का वस्त्र — ये सब उनके सिद्धांतों की झलक थे। उन्होंने न सिर्फ देश को आजादी दिलाई, बल्कि एक ऐ

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