गांधीजी और तीन बंदरों की सीख
महात्मा गांधी हमेशा सादगी और नैतिक जीवन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने जीवन में कई ऐसे प्रतीक अपनाए जो साधारण लगते थे, लेकिन गहरा संदेश देते थे। इनमें से एक है – तीन बंदरों की तस्वीर। यह तस्वीर गांधीजी के कई कमरों में लगी रहती थी।
ये तीन बंदर अलग-अलग ढंग से कुछ छुपा रहे होते हैं – एक अपने मुंह को ढकता है, दूसरा अपनी आंखों को, तीसरा अपने कान। गांधीजी इसे इस तरह समझाते थे: जो बंदर मुंह ढक रहा है, वह कहता है – «कभी झूठ मत बोलो, किसी की बुराई मत करो»। जो आंखें बंद कर रहा है, वह कहता है – «बुराई मत देखो»। और जो कान ढके है, वह सिखाता है – «बुरी बातें मत सुनो»।
गांधीजी मानते थे कि अगर हम अपने मन, आंख और कान को नियंत्रित करें, तो बुराई से दूर रह सकते हैं। इस छोटी सी तस्वीर में जीवन जीने का बड़ा सत्य छिपा है। आज के समय में, जब हम हर तरह की नकारात्मकता से घिरे हैं, तो यह सी
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