गांधीजी का मुख्य उद्देश्य: जन-जागृति
महात्मा गांधी का मुख्य उद्देश्य सिर्फ ब्रिटिश राज से आजादी पाना नहीं था। उनके लिए असली आजादी वह थी, जब आम आदमी अपने अधिकारों को समझे, और उनके लिए आवाज उठाए। वह चाहते थे कि लोग बस किसी नेता के पीछे न चलें, बल्कि खुद सोचें, जागरूक हों और बदलाव के लिए जिम्मेदारी लें।
गांधीजी के नेतृत्व में भारत की आम जनता — किसान, मजदूर, महिलाएं — स्वतंत्रता के संग्राम में शामिल हुए। उन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से लाखों लोगों को प्रेरित किया। उनका मानना था कि जब तक आम व्यक्ति सक्रिय नहीं होगा, तब तक सच्चा बदलाव नहीं आएगा।
इसलिए गांधीजी ने हर गांव में जाकर लोगों को बताया कि आजादी सिर्फ झंडा फहराना नहीं है, बल्कि खुद को डर से आजाद करना है। उन्होंने खादी को प्रतीक बनाया ताकि लोग अपने स्वाभिमान को पहचानें, और बाहरी निर्भरता से छुटकारा पाएं।
उनका सपना था एक ऐसा भारत, जहां हर व्यक्ति अपनी आव
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