ब्रह्मचर्य में क्या नहीं खाना चाहिए?

ब्रह्मचर्य के मार्ग पर चलने वाले हर व्यक्ति के लिए आहार का विशेष महत्व होता है। आचार्य बालकृष्ण ने एक बार कहा था कि दूध या दुग्ध आहार ब्रह्मचर्य के लिए सहायक नहीं होता। उनके अनुसार, दूध या दही जैसे पदार्थ शरीर में उष्णता उत्पन्न कर सकते हैं, जो इंद्रियों को जागृत कर सकती है। इसलिए उनका मानना था कि दुग्ध आहार ब्रह्मचर्य व्रत को धारण करने में कठिनाई पैदा कर सकता है।

हालाँकि, यह जरूरी नहीं कि हर ब्रह्मचारी को दूध से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। शारीरिक आवश्यकता, आयु और आध्यात्मिक स्तर के आधार पर आहार में भिन्नता हो सकती है। कई साधु-संत और योगी अपने साधना काल में दूध लेते हैं, लेकिन सावधानी से।

कुछ विद्वानों के अनुसार, ब्रह्मचर्य में तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज, अत्यधिक मसाले और भूमिगत ताजा आलू भी नहीं खाने चाहिए। ऐसे भोजन मन को भारी और इंद्रियों को उत्तेजित करते हैं।

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