गीता का दूसरा नाम: गीतोपनिषद

भगवद्गीता, जिसे सामान्यतः सिर्फ 'गीता' कहा जाता है, हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख धार्मिक ग्रंथों में से एक है। इसका पूरा नाम श्रीमद्भगवद्गीता है, और यह महाभारत के भीष्म पर्व का एक अहम हिस्सा है। गीता में कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं, जिनमें भगवान कृष्ण ने अर्जुन को धर्म, कर्तव्य, भक्ति और मुक्ति के बारे में गहन ज्ञान दिया है।

कई लोग जानते हैं कि गीता एक उपदेश ग्रंथ है, लेकिन शायद कम लोगों को पता हो कि इसका एक अन्य नाम गीतोपनिषद भी है। इस नाम के पीछे गहरा दार्शनिक अर्थ छिपा है। 'उपनिषद' शब्द का अर्थ होता है गुरु के निकट बैठकर ज्ञान प्राप्त करना। चूँकि गीता ज्ञान, आत्म-साक्षात्कार और आध्यात्मिक समझ का सागर है, इसलिए इसे उपनिषद की श्रेणी में रखा गया है।

गीतोपनिषद के रूप में गीता को देखने से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि यह सिर्फ एक युद्धभूमि पर दिया गया उपदेश नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक सं

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