राहु क्यों डरता है?
राहु, ज्योतिष में एक छाया ग्रह माना जाता है, जिसका व्यवहार अक्सर रहस्यमय और अशांत रहता है। मान्यता है कि राहु सूर्य देव से डरता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सूर्य उज्ज्वलता, सत्ता और सच्चाई के प्रतीक हैं, जबकि राहु छल, छिपे हुए इरादों और अंधकार का प्रतिनिधि है।
पौराणिक कथा के अनुसार, राहु एक असुर था जिसने अमृत का घूंट पीने के लिए सूर्य और चंद्र के बीच छिपकर देवताओं की पंक्ति में आगमन किया था। लेकिन सूर्य देव और चंद्रमा ने उसे भगवान विष्णु के सामने उजागर कर दिया। इस पर क्रोधित होकर भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर काट दिया। लेकिन चूंकि वह अमृत पी चुका था, इसलिए उसका सिर (राहु) और धड़ (केतु) अमर हो गए।
तब से राहु सूर्य और चंद्रमा से बदला लेने के लिए सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के समय उन्हें निगलने की कोशिश करता है। लेकिन वह वास्तविकता में उनसे डरता भी है, क्योंकि सूर्य की तेज ऊर्जा उसके अ
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