राहु काल क्या है और कब रहता है?

ज्योतिष शास्त्र में राहु काल को अशुभ समय माना जाता है। इस समय में नए काम शुरू करने, विवाह, गृहप्रवेश या यात्रा आदि को टाला जाता है। राहु काल दिन में ही होता है, क्योंकि यह मान्यता है कि राहु का प्रभाव प्राकृतिक प्रकाश के दौरान देखा जाता है। कुछ लोग रात में भी राहु काल मानते हैं, लेकिन यह विचार सही नहीं माना जाता।

राहु काल का विशेष ध्यान रविवार, मंगलवार और शनिवार को रखा जाता है।

इन दिनों में राहु काल का प्रभाव अधिक माना जाता है। अन्य दिनों में इसका प्रभाव कम या नगण्य होता है। राहु काल की गणना सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय के आधार पर की जाती है। प्रत्येक दिन इसका समय अलग-अलग होता है।

हालांकि राहु काल को लेकर कई लोगों में भ्रम होता है, लेकिन इसका उद्देश्य मात्र सावधानी बरतना है। कई पंडित इसे एक परंपरागत मान्यता मानते हैं, फिर भी धार्मिक या महत्वपूर्ण कार्यों में इसकी गणना अभी भी की जाती है।

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