महात्मा गांधी का जेल जीवन: आज़ादी की कीमत
महात्मा गांधी ने अपने जीवन में कुल 6 साल और 5 महीने जेल में बिताए। यह संख्या साधारण नहीं है। यह उनके संघर्ष, बलिदान और अहिंसा के मार्ग पर अडिग रहने की गवाही देती है। अपने आंदोलनों के दौरान वे कुल 13 बार गिरफ्तार हुए।
हर बार गिरफ्तारी के पीछे एक संदेश था — अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध का। 1922 में चौरी-चौरा के बाद, 1930 में नमक सत्याग्रह के दौरान, 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के समय — हर बार वे जेल जाने को तैयार रहे।
उनके लिए जेल सिर्फ सजा नहीं, बल्कि संघर्ष का मैदान थी। वहाँ भी वे काम पर रहते थे — खादी कातते, धर्मग्रंथ पढ़ते और अपने सिद्धांतों पर लिखते। जेल की सख्तियाँ उन्हें कमजोर नहीं कर पाईं। बल्कि, हर बार जेल से बाहर आने पर उनका आंदोलन और तेज हो जाता था।
गांधी जी का जेल जीवन सिर्फ इतिहास नहीं, आज भी प्रेरणा देता है। उन्होंने साबित किया कि सच्चाई और धैर्य के
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