लोहार कौन होता है?

लोहार वह व्यक्ति होता है जो लोहे से बनी चीज़ों को बनाता है या मरम्मत करता है। यह पेशा हज़ारों सालों से भारत सहित दुनिया भर में मौजूद है। एक लोहार आमतौर पर अपने काम में भट्ठी, हथौड़ा और एंविल (घोटाला) का उपयोग करता है।

लोहार न सिर्फ़ कृषि उपकरण जैसे कुल्हाड़ी, फावड़ा या हल बनाता है, बल्कि घोड़ों की नाल भी लगाता है। इसी कारण इन्हें फेरीशर भी कहा जाता है। गाँवों में लोहार का स्थान हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखा गया है।

आज भी कई ग्रामीण इलाकों में लोहार की दुकान एक महत्वपूर्ण जगह है। जहाँ टूटे औज़ारों को दुरुस्त किया जाता है और नए उपकरण बनाए जाते हैं। हालाँकि, आधुनिक मशीनीकरण ने इस पारंपरिक कला को चुनौतियाँ दी हैं, फिर भी कई लोग इस पेशे को जीवित रखने की कोशिश कर रहे हैं।

अंग्रेज़ी में इसे Blacksmith कहते हैं, जिसका उच्चारण /ˈblæk.smɪθ/ होता है। यह शब्द लोहे (black iron) और शिल्पकार (smith) के मेल से बना है।

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