भारत माता: एकता का संदेश
कक्षा 11 की पाठ्यपुस्तक में शामिल "भारत माता" अध्याय हिंदुस्तान के इतिहास और राष्ट्रीय चेतना को समझने की एक खिड़की है। यह अध्याय जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखित “हिंदुस्तान की कहानी” के पाँचवें भाग से लिया गया है। इसमें नेहरू जी ने उस समय के भारत की झलक पेश की है, जब देश स्वतंत्रता के लिए संघर्षरत था।
नेहरू जी बताते हैं कि वे कैसे देश के विभिन्न कोनों में आयोजित जलसों में शामिल होते थे। इन सभाओं के माध्यम से वे आम आदमी तक पहुँचते थे और उन्हें यह संदेश देते थे कि भले ही देश भाषा, धर्म, संस्कृति और रीति-रिवाजों के आधार पर विभाजित दिखे, लेकिन फिर भी हिंदुस्तान एक है।
उनका यह संदेश सिर्फ राजनीतिक एकता तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और भावनात्मक एकता की बात थी। वे चाहते थे कि हर भारतीय यह महसूस करे कि वह एक बड़े राष्ट्रीय परिवार का हिस्सा है।
आज भी यह अध्याय प्रासंगिक है। जब
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