अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में EDD का क्या मतलब है?

गर्भावस्था के दौरान जब कोई महिला अपना पहला अल्ट्रासाउंड या सोनोग्राफी करवाती है, तो रिपोर्ट में कई तरह के मेडिकल शब्द लिखे होते हैं। इन्हीं में से एक बेहद महत्वपूर्ण शब्द है EDD, जिसका पूरा नाम Expected Date of Delivery (प्रसव की अनुमानित तिथि) होता है। आम भाषा में इसे ही डिलीवरी की तारीख या बच्चे के जन्म की देय तिथि कहा जाता है।

डॉक्टर मुख्य रूप से दो तरीकों से EDD की गणना करते हैं। पहला तरीका महिला के अंतिम मासिक धर्म (LMP - Last Menstrual Period) के पहले दिन पर आधारित होता है। वहीं, दूसरा और अधिक सटीक तरीका अल्ट्रासाउंड स्कैन है। गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों (विशेषकर पहली तिमाही) में किए गए अल्ट्रासाउंड में भ्रूण के आकार (जैसे CRL - Crown-Rump Length) को मापकर कंप्यूटर द्वारा इस तिथि का आकलन किया जाता है।

यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि EDD केवल एक अनुमानित तारीख है, कोई पक्की गारंटी नहीं। शोध बताते हैं कि केवल 4 से 5 प्रतिशत बच्चे ही अपनी सटीक EDD पर पैदा होते हैं। अधिकांश मामलों में शिशु का जन्म इस तय तारीख से दो हफ्ते पहले या दो हफ्ते बाद तक हो सकता है।

अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में दी गई EDD का मुख्य उद्देश्य डॉक्टर और माता-पिता को एक सही समय सीमा देना है, ताकि वे गर्भावस्था के विकास पर नजर रख सकें और आने वाले शिशु के स्वागत व प्रसव की सही तैयारी समय रहते कर सकें। यदि शुरुआती और बाद के अल्ट्रासाउंड की तारीखों में थोड़ा अंतर हो, तो इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर होता है।

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