कर्ण को राधेय क्यों कहा जाता है?
महाभारत के महान योद्धा कर्ण को अक्सर राधेय भी कहा जाता है। यह नाम कोई साधारण उपनाम नहीं, बल्कि उनके जीवन के एक महत्वपूर्ण सत्य से जुड़ा है। कर्ण को राधेय इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनकी पालनहार माँ का नाम राधा था।
जब कुंती ने कर्ण को जन्म दिया, तो समाज के डर से उन्होंने उसे त्याग दिया। एक दासी राधा ने उस नवजात शिशु को गंगा किनारे पाया और बेहद प्यार से उसका पालन-पोषण किया। हालाँकि वह उनकी जैविक माँ नहीं थीं, लेकिन माँ का प्यार देकर उन्होंने कर्ण को अपना बेटा बना लिया।
उस समय समाज में बच्चों को अक्सर उनकी माँ के नाम पर जाना जाता था, खासकर जब पिता के बारे में स्पष्टता न हो। चूँकि कर्ण को राधा ने पाला, इसलिए उनका नाम राधेय पड़ा, जिसका अर्थ है – "राधा का पुत्र"।
यह नाम केवल एक पहचान नहीं, बल्कि माँ के अटूट प्रेम और त्याग का प्रतीक भी है। कर्ण ने अपनी पूरी जिंदगी में राधा को माँ माना, और इसी वजह से
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