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द्वितीय विश्व युद्ध में भारत और टैंक

द्वितीय विश्व युद्ध (1939–1945) के दौरान भारत ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा था, इसलिए युद्ध में भारतीय सेना ने ब्रिटिश सेना के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी। भारत के पास उस समय स्वतंत्र रूप से कोई टैंक बल नहीं था, लेकिन भारतीय सैनिकों ने ब्रिटिश सेना के टैंकों पर प्रशिक्षण लिया और कई मोर्चों पर उनका संचालन किया।

खासकर उत्तरी अफ्रीका, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के युद्धक्षेत्रों में भारतीय डिवीजनों के साथ टैंक तैनात किए गए थे। ब्रिटिश सेना ने "मैटिल्डा", "वैलेंटाइन" और "स्टुअर्ट" जैसे टैंकों का इस्तेमाल किया, जिनमें भारतीय चालक दल शामिल थे।

यद्यपि भारत में उस समय स्वतंत्र रक्षा उद्योग नहीं था और सभी हथियार ब्रिटेन से आपूर्ति किए जाते थे, फिर भी भारतीय सैनिकों ने टैंक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय टैंक रेजीमेंट्स की स्थापना युद्ध के दौरान ही हुई, जो बाद में स्वतंत्र भारत क

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