अंग्रेजों का भारत आने और शासन करने का असली मकसद
शुरुआत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्य उद्देश्य भारत के साथ व्यापार करना था। भारत के मसाले, सूती वस्त्र और रेशम उस समय पूरी दुनिया में बहुत प्रसिद्ध थे, जिनसे भारी मुनाफा कमाया जा सकता था। इसी धन और व्यापारिक अवसरों की तलाश अंग्रेजों को भारत खींच लाई थी।
हालांकि, समय बीतने के साथ अंग्रेजों की रणनीति बदल गई। भारत की तत्कालीन राजनीतिक अस्थिरता और स्थानीय शासकों के बीच आपसी मतभेदों का फायदा उठाकर यूरोपीय शक्तियों ने केवल व्यापार तक सीमित रहने के बजाय क्षेत्रीय अधिकार और सत्ता हासिल करने में अधिक रुचि दिखाना शुरू कर दिया।
अंग्रेज धन, शक्ति और प्रभाव के भूखे थे। वे अन्य यूरोपीय प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर भारत के विशाल संसाधनों पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहते थे। इस प्रकार, जो यात्रा केवल व्यापारिक लाभ से शुरू हुई थी, वह धीरे-धीरे भारत पर राजनीतिक नियंत्रण और औपनिवेशिक शासन में बदल गई।
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