अंग्रेज भारत कब आए थे?
भारत के इतिहास में ईस्ट इंडिया कंपनी का आगमन एक बहुत महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। भारत के विशाल समुद्री तट, समृद्ध मसाले और बेहतरीन कपड़े हमेशा से दुनिया भर के व्यापारियों को आकर्षित करते रहे हैं। इसी व्यापार की तलाश में अंग्रेज पहली बार भारत पहुंचे थे।
इतिहास के पन्नों को देखें तो अंग्रेज कैप्टन विलियम हॉकिन्स के नेतृत्व में 24 अगस्त 1608 को सूरत के बंदरगाह पर उतरे थे। उनका जहाज 'हेक्टर' व्यापारिक उद्देश्य से भारत की सरजमीं पर पहुंचा था। इसके बाद हॉकिन्स ने तत्कालीन मुगल सम्राट जहांगीर के दरबार में जाकर भारत में व्यापार करने और कारखाना स्थापित करने की अनुमति मांगी थी।
शुरुआत में तो मुगल दरबार में उन्हें थोड़ा विरोध झेलना पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे अपनी कूटनीति और व्यापारिक नीतियों के बल पर अंग्रेजों ने भारत में अपने पैर जमा लिए। जो शुरुआत केवल मसालों और कपड़ों के व्यापार से हुई थी, उसने धीरे-धीरे एक विशाल साम्राज्य का रूप ले लिया और अगले कुछ दशकों में अंग्रेजों ने भारत के राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल कर रख दिया।
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