भारत में ब्रिटिश हुकूमत का काला सच और आज़ादी का इतिहास
भारत की आज़ादी का इतिहास संघर्ष, त्याग और अटूट देशभक्ति की मिसाल है। अकसर यह सवाल पूछा जाता है कि अंग्रेजों ने भारत पर कितने समय तक शासन किया? इसका सीधा और ऐतिहासिक जवाब है कि भारत को लगभग 200 सालों की लंबी गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को आज़ादी मिली थी। ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक आगमन से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे एक क्रूर राजनीतिक हुकूमत में बदल गया।
इस दो सदी के शासनकाल के दौरान ब्रिटिश हुकूमत ने भारत का आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भारी शोषण किया। ब्रिटेन ने भारत की अरबों डॉलर की संपत्ति और संसाधन लूटकर अपने देश भेजे। जो भारत कभी विश्व व्यापार का एक प्रमुख केंद्र और 'सोने की चिड़िया' कहलाता था, उसे अंग्रेजों की नीतियों ने गरीबी और लाचारी की कगार पर ला खड़ा किया। भारत के कपड़ा उद्योग, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया।
आज भारत को आज़ाद हुए 70 साल से भी अधिक का समय बीत चुका है। इन 200 वर्षों के औपनिवेशिक कालखंड को भारतीय इतिहास का सबसे अंधकारमय दौर माना जाता है। हालांकि, स्वतंत्रता सेनानियों के कड़े संघर्ष और बलिदान की बदौलत ही देश इस गुलामी की जंजीरों को तोड़कर आज एक संप्रभु और मजबूत राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।
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