अंग्रेजों से पहले भारत का प्राचीन नाम: जम्बूद्वीप

आज हम जिसे भारत या 'इंडिया' के नाम से जानते हैं, उसका इतिहास बेहद समृद्ध और प्राचीन है। अंग्रेजों के आने और "इंडिया" शब्द के प्रचलन से बहुत पहले, हमारे देश को विभिन्न कालखंडों में अलग-अलग नामों से पुकारा गया। इन्हीं प्राचीन नामों में से एक बेहद महत्वपूर्ण नाम है—जम्बूद्वीप

सनातन, बौद्ध और जैन धर्म के प्राचीन ग्रंथों व पुराणों में इस भूभाग के लिए 'जम्बूद्वीप' शब्द का प्रमुखता से उल्लेख मिलता है। संस्कृत के इस शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है 'जम्बु (जामुन) का द्वीप' या 'बेरी द्वीप'। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, इस क्षेत्र में जामुन के वृक्षों की अधिकता होने के कारण इसे यह नाम मिला था। यह केवल एक नाम नहीं था, बल्कि यह उस काल के एक विशाल भौगोलिक क्षेत्र को दर्शाता था, जिसके केंद्र में हमारा प्यारा भारतवर्ष स्थित था।

दिलचस्प बात यह है कि जम्बूद्वीप शब्द का प्रभाव केवल भारतीय उपमहाद्वीप तक ही सीमित नहीं था। अंग्रेजी शब्द "इंडिया" के अस्तित्व में आने से पहले, कई दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों (जैसे थाईलैंड, म्यांमार और इंडोनेशिया) के ऐतिहासिक दस्तावेजों में भी भारत के लिए इसी नाम के परिवर्तित रूपों का उपयोग किया जाता था। कालान्तर में, पौराणिक राजा भरत के नाम पर देश का नाम आधिकारिक रूप से 'भारत' या 'भारतवर्ष' पड़ा। इतिहास का यह पहलू हमें याद दिलाता है कि वैश्विक पटल पर भारत की पहचान सदियों पुरानी और सांस्कृतिक रूप से बेहद गहरी है।

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